प्रत्येक क्षेत्र में राजनीति पूरी तरह से हावी हो चुकी है
आज समय प्रत्येक नागरिक को इस महामारी से बचाने का समय है और नेता लोग रैलियां कर रहे हैं और आम जनता को काल के गाल में धकेल रहे हैं।
आज पुलिस वाले भी ग़रीब लोगों को इस महामारी की आड़ में परेशान कर रहे हैं जहाँ जरूरत है वहाँ किसी को कोई परवाह नहीं है। सब नेताओं के जाल में इस तरह फंस चुके हैं कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों की भी कोई परवाह नहीं है अगर किसी को भी परवाह भी है तो वह इन बेड़ियों से निकल नहीं पाता है, ऐसा हो गया है मेरा देश। एक मध्यम वर्ग परिवार अपना किसी तरह से गुजारा करता है और किसी दिन उससे गलती से यातायात नियम की अवहेलना होने पर उसको बक्सा नहीं जाता है और हमारे देश के नेता ऐसी अवहेलना जानबूझकर करते हैं तो किसी पुलिस वाले या किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं की उसको किसी भी प्रकार का दण्ड दे सके, ऐसा हो गया है मेरा देश।
आज समय है गरीब तबके के लोगों की सहायता करने की, उनके परिवार को भूखा ना सोने देना पर इसमें भी कोई कसर नहीं छोड़ता है।
कहने का सारांश ये है कि ये महामारी वहाँ क्यों नहीं जाती जहाँ नेताओं की रैलियां होती हैं?
भगवान भी किस तरफ करवट लिए हुए है?